Sangya (संज्ञा) क्या है-परिभाषा एवं भेद उदाहरण सहित: 2024-25

इस पोस्ट में आसान सब्दो में संज्ञा की परिभाषा (Sangya ki paribhasa) एवं इसके प्रकार के बारे में उदाहरण सहित संछिप्त में वर्णन किया गया हैं|

संज्ञा की परिभाषा

संज्ञा (Sangya) की परिभाषा

संज्ञा उस विकारी शब्द कहते हैं, जिसमें किसी विशेष वस्तु, भाव, और जीव के नाम का बोध होता है। दूसरे सब्दो में संज्ञा का शाब्दिक अर्थ नाम होता हैं| किसी व्यक्ति, गुण, प्राणी, जाती, स्थान, क्रिया, भाव, वस्तु आदि के नाम संज्ञा कहलाती हैं| जैसे: मोर, घोड़ा, रेडियो, किताब, भारत, विरता इत्यादि|

संज्ञा के भेद (प्रकार)

संज्ञा पांच प्रकार के होते हैं:

  • व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper noun)
  • जातिवाचक संज्ञा (Common noun)
  • भाववाचक संज्ञा (Abstract noun)
  • समूहवाचक संज्ञा (Collective nouns)
  • द्रव्यवाचक संज्ञा (Material noun)

व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper noun)

जिस शब्द से किसी विशेष व्यक्ति, जाति, वास्तु तथा स्थान के नाम का बोध हो उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं|
जैसे:
व्यक्ति का नाम– रेखा, राम, हरी, भोला, सचिन इत्यादि|
उत्सवों के नाम– होली, ईद, दिपावली, विजय दशमी आदि|
पर्वतो के नाम– हिमालय, विंध्यांचल, कराकोरम आदि|
स्थान के नाम– अयोध्या, जयपुर, कोलकाता, दिल्ली इत्यादि|
नदियों के नाम– गंगा, कृष्ण, कावेरी, नील आदि|

जातिवाचक संज्ञा (Common noun)

जिस शब्द से एक ही जाति के अनेक प्राणिओ तथा वस्तुओ का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं| दूसरे शब्दो में जिस शब्द से किसी जाति या उसकी श्रेणी वर्ग का सम्पूर्ण बोध होता हैं, उस संज्ञा शब्द को जातिवाचक संज्ञा कहते हैं|
जैसे:
लड़की से प्रियंका, निशा, सपना, अर्चना, भावना इत्यादि|
वस्तु से पुस्तक, कलम, कुर्सी आदि|
नदी से गंगा, यमुना, भगीरथी इत्यादि|
पंछी से संसार की सभी तरह की पंछीओ की जाति आदि|

भाववाचक संज्ञा (Abstract noun)

वे सभी संज्ञा जिसे न तो देखा जा सकता हो और न ही स्पर्श किया जा सकता हो, जिस संज्ञा को केवल महसूस किया जय उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं| अर्थात जिस संज्ञा सब्द से किसी के गुण, दोष, स्वाभाव, भाव इत्यादि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं| जैसे– बुढ़ापा, गरीबी, हंसी, वीरता, दर्द, भूख, प्यास, प्राण, मोह इत्यादि|

समूहवाचक संज्ञा (Collective nouns)

वे संज्ञा शब्द जिनसे संगठन का बोध हो उसे समूहवाचक संज्ञा कहते हैं| अर्थात: जिस संज्ञा शब्द से समूह का बोध हो वह समूहवाचक संज्ञा के अंतर्गत आती हैं| जैसे: भीड़, जनता, सभा, मंडल, गुच्छा इत्यादि|

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material noun)

वे वस्तुए जिन्हे मापा, तौला जा सकता हैं, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं| अर्थात: जिन संज्ञा शब्द किसी धातु, द्रव्य या पदार्थ का बोध होता हैं, वह द्रव्यवाचक संज्ञा के अंतर्गत आती हैं| जैसे: लोहा, घी, तेल, सोना इत्यादि|

संज्ञाओं (Sangya) का प्रयोग

संज्ञाओं के प्रयोग में कभी कभी असमानता भी आ जाती हैं, निचे कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

लिंग के अनुसार

नर जाता हैं| – नारी जाती हैं|
लड़का खाता हैं| – लड़की खाती हैं|
इन वाक्यों में नर और लड़का पुल्लिंग हैं| एवं नारी तथा लड़की स्त्रीलिंग| इस प्रकार लिंग के आधार पर संज्ञाओं का रूपांतरण होता हैं|

वचन के अनुसार

एक लड़की जा रही हैं| – चार लड़किया जा रही हैं|
लड़का जाता हैं|- लड़के जाते हैं|
इन वाक्यों में लड़का तथा लड़की एक के लिए आया हैं| और लड़किया तथा लड़के एक से अधिक के लिए| यहाँ संज्ञा के रूपांतरण का आधार वचन हैं|

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FAQs

संज्ञा क्या हैं?

किसी व्यक्ति, प्राणी, जाती, स्थान, क्रिया, भाव, आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं|

संज्ञा के 10 उदाहरण क्या क्या हैं|

संज्ञा के 10 उदाहरण हैं- भारत, विरता, कावेरी, किताब, नील, प्रियंका, सभा, मोर, घोड़ा, रेडियो|

संज्ञा शब्द का क्या अर्थ हैं|

संज्ञा शब्द का अर्थ हैं- किसी व्यक्ति, जाती, क्रिया, प्राणी, स्थान अदि का नाम|

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